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यहोवा परमेश्वर के दस आज्ञाएं हैं जो पवित्र बाइबल में निर्गमन 20:3-17

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यहोवा परमेश्वर के दस आज्ञाएं हैं जो पवित्र बाइबल में निर्गमन 20:3-17  परमेश्वर ने मुसा के द्वारा इस्राएल लोगों को दस आज्ञाएँ दिया हैं। परमेश्वर की इच्छा है कि इस आज्ञानुसार जीवन को जीये। तभी हम परमेश्वर को प्राप्त कर सकते हैं ।और हमलोग इस (श्राफ जीवन) जन्म चक्र से मुक्ति पा सकते हैं। आइए हम जाने कि परमेश्वर की दस आज्ञाएं क्या है? 1) "तू मुझे छोड़ दूसरों को ईश्वर करके न मानना।" मेरे प्रियों ,  परमेश्वर की इस आज्ञा से हमें ज्ञात होता हैं कि तुम मुझको छोड़ कर किसी और को ईश्वर करके न मानो। हमें अपने आप को जांचना चाहिए कि क्या हम सच्चे परमेश्वर की आराधना या मानते हैं? हमें सिर्फ सर्वशक्तिमान परमेश्वर को ईश्वर मानना हैं। 2) "तू अपने लिये कोई मूर्ति खोदकर न बनाना, न किसी कि प्रतिमा बनाना, जो आकाश में, वा पृथ्वी पर, वा पृथ्वी के जल में है। तू उनको दण्डवत् न करना, और न उनकी उपासना करना; क्योंकि मै तेरा परमेश्वर यहोवा जलन रखने वाला ईश्वर हूँ, और जो मुझ से बैर रखते है, उनके बेटों, पोतों, और परपोतों को भी पितरों का दण्ड दिया करता हूं, और जो मुझ से प्रेम रखते और मेरी आज्ञ...

पवित्र बाइबल नया नियम का परिचय -कि लेखक कौन है और कब लिखा?

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पवित्र बाइबल नया नियम का परिचय-कि लेखक कौन है और कब लिखा? नया नियम उन रचनाओं का किताब है जिन का सम्बन्ध उस समझौते से है,जो परमेश्वर ने उन लोगों के साथ किया,जो प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास रखते हैं। नया नियम को सुसमाचार की किताब भी कहते हैं।यह अंतिम किताब अपने मार्ग दर्शक और सहायक यीशु मसीह तथा परमेश्वर की शक्ति द्वारा बुराई शक्तियों पर अंतिम विजय पाने के लिए विश्वासियों को आश्वस्त करता है। पवित्र बाइबल में नये नियम की पुस्तकों को 4 भागों में बाँटा गया हैं:- 1.सुसमाचार का किताब 2.इतिहास – (प्रेरितों के काम) का किताब 3.पत्रियाँ का किताब 4.भविष्यवाणी का किताब । सुसमाचार का किताब का मतलब अच्छा समाचार है जिसमें हम कैसे प्रभु यीशु मसीह जन्म से मृत्यु तक उसका रहन- सहन के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। सुसमाचार की चार किताब है:- मत्ती = मत्ती - ईस्वी सन् 55 मरकुस = यूहन्ना मरकुस - ईस्वी सन् 50 लूका = लूका - ईस्वी सन् 60 यूहन्ना = यूहन्ना - ईस्वी सन् 90 इतिहास – (प्रेरितों के काम) का किताब में हम प्रेरितो के कार्य जो कि पवित्र आत्मा सबसे पहले कब आया ...